मेरठ। मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का विरोध किया, वहीं अपनी मांग को लेकर कई जगह जाम लगाते हुए केंद्र सरकार का पुतला भी फूंका। इस दौरान वकीलों का पुलिस से कई बार टकराव हुआ और खूब धक्का-मुक्की हुई।
भाजपा के कार्यक्रम स्थल सुभारती विवि के गेट पर  पहुंचे अधिवक्ताओं पर पुलिस को स्थिति संभालने में डंडे चलाने पड़े। बताते कि इस टकराव में कई वकीलों को चोट आई वहीं दो वकीलों को हार्टअटैक होने की सूचना है। दोपहर तक चले हंगामे के बाद भी पुलिस ने वकीलों को कार्यक्रम स्थल के भीतर नहीं घुसने दिया।
बता दें कि वकीलों ने नोएडा की बैठक में ऐलान किया था कि यदि उन्हें 10 अगस्त तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का वक्त नहीं दिया गया तो वे मेरठ में 11-12 अगस्त को होने वाली भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक का विरोध करेंगे।
तय कार्यक्रम के तहत शनिवार सुबह नौ बजे से ही मेरठ कचहरी परिसर के नानकचंद सभागार में अधिवक्ता बड़ी संख्या में जमा हुए, जहां उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बैठक की। वकीलों के आंदोलन को देखते हुए पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल कचहरी के चारों ओर तैनात किया गया था।
इसके बाद भी अधिवक्ता सुरक्षा घेरों को तोड़ते हुए जुलूस के रूप में बेगमपुल तक पहुंच गए। यहां वकीलों ने रास्ता जाम कर दिया। केंद्र सरकार का पुतला फूंक दिया। पुलिस ने कुछ देर बाद सभी वकीलों को गिरफ्तार करते हुए पुलिस लाइन भेज दिया।
इस बीच बागपत सहित अन्य जिलों के वकील पुलिस की आंखों में धूल झोकते हुए सुभारती विश्वविद्यालय के गेट तक पहुंच गए। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। कमिश्नर अनिता मेश्राम, एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी रामकुमार वर्मा सहित डीएम-एसएसपी गेट पर पहुंचे और वकीलों को मनाने का प्रयास किया।
वकीलों ने नहीं मानने पर पुलिस को सख्त रूप अपनाना पड़ा। जिससे पुलिस और वकीलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने डंडे भी चलाए। जिसके बाद सभी वकीलों को बस में भरकर पुलिस लाइन भिजवा दिया गया।
'2019 में एक बार फिर मोदी सरकार' के नारे को करना है साकार: पांडेय
सेतु निगम के अभियंता 24 को देंगे सामूहिक इस्तीफा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here