लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने का कहना है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) व समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों अस्तांचल में जाती हुई पार्टियां हैं। सपा ने राजनैतिक स्वार्थ के लिए आत्मसम्मान को गिरवी रखकर बसपा से गठबंधन किया है।
उन्होंने कहा कि यह गठबंधन भी अधिक दिन चलने वाला नहीं हैं तथा 23 मई इसका आखिरी दिन होगा। उसके बाद इस गठबंधन में खटबंधन (खटपट) शुरू हो जायेगा। सपा में भाजपा का सामना करने की क्षमता नहीं रही है।
शर्मा ने कहा कि सपा बसपा गठबंधन जनकल्याण के लिए नहीं बल्कि स्वार्थ एवं राजनैतिक अस्तित्व को बचाने के लिए किया गया गठबंधन है। इसकी मियाद भी अब जल्द ही पूरी होने जा रही है।
पिछले चुनाव में जिस प्रकार से दोनों दलों का सफाया हुआ था उसके कारण ही दोनों साथ आए हैं। डा. शर्मा ने कहा कि इस गठबंधन में सपा किस प्रकार से शरणागत हुई है इसकी मिसाल हाल की एक रैली में देखने को मिली थी।
इस रैली में एक ओर जहां डिम्पल ने बसपा नेत्री का पैर छूकर आर्शीवाद लिया वहीं तेज प्रताप ने भी साष्टांग दंडवत किया, पर वहीं बुआ जी का भतीजा नेताजी को देखकर निकल गया। बुआ के भतीजे ने अभिवादन करना भी जरूरी नहीं समझा।
डा. शर्मा ने कहा कि सपा अपने राजनैतिक स्वास्थ्य को दुरूस्त करने के लिए न केवल बसपा से राजनीतिक हेल्थ टॉनिक ले रही है, बल्कि अपने अस्तित्व को बचाने के लिए चुनाव लड़ रही है।
इसके पहले 2017 में अखिलेश ने कांग्रेस का साथ लिया था जो राजनैतिक रूप से खुद एक कमजोर पार्टी थी। इसके परिणामस्वरूप विधानसभा चुनाव में दोनो बुरी तरह से पराजित हुए।
अबकी बार जो पालिटिकल हेल्थ टॅानिक लिया वह बसपा से लिया जिसने खुद में लोकसभा चुनाव में जीरो पाया था। मुझे लगता है कि राजनैतिक स्वास्थ्य रक्षा के लिए किए गए अखिलेश के प्रयत्न असफल हो रहे हैं।
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