एससी एसटी एक्ट में किये गये संशोधन के विषय में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गये फैसले को पलटना केंद्रीय सरकार पर भारी पडता दिख रहा है। आज प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के किसान इंटर कालेज मिर्जामुराद में हुए ब्राह्मण महासंघ के विरोध कार्यक्रम में इसकी झलक देखने को मिली।
दूर दूर से आये समाजसेवियों ने सरकार के इस फैसले की कड़ी शब्दों में निंदा की। भगवान परशुराम की जय के जयघोष के संग ने मंच से यह एलान किया की अगर जातिगत आरक्षण खत्म नहीं हुआ तो वह दिल्ली के जंतर मंत्र में 5 लाख की भीड़ के संग सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने कहा की सवर्णों ने सदैव ही अपने रक्त से समाज को सीचने का काम किया है, और आरक्षण जाती के आधार पे ना मिलकर आर्थिक परिस्थितयों के आधार पर ही मिलना चाहिये। मंच से कलकत्ता के प्रमुख समाजसेवी श्री सरोज तिवारी ने ब्रह्मण एकता, ब्रह्मण शिक्षा एवम सवर्ण आयोग के गठन की बात की।

मंच पर प्रमुख रूप से शंकराचार्य परम्परा दंडी स्वामी जी रामदेवानंद सरस्वती जी महाराज, करपात्री जी महाराज, पंडित गजेंद्र मणि त्रिपाठी (अध्यक्ष ब्राह्मण फाउंडेशन), श्री ओमप्रकाश तिवारी अध्यक्ष राजस्थान, राजन तिवारी, श्री कृष्णा सिंघ ठाकुर, मंडल अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, राजेश अग्निहोत्री, एवं अवधेश कुमार मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

स्वामी दंडि जी महाराज युवा रोजगार, राम मंदिर निर्माण एवम गंगा सफाई अभियान पर सरकार को घेरते दिखे और उन्होंने यह भी कहा की जिस समय आरक्षण लागू हुआ उस समय विरोध में लाखों सवर्ण बच्चों ने आत्मह्त्या कर आरक्षण का विरोध किया था और सरकार शायद फिर से अपने कुकृत्यों द्वारा इसको दोहराना चाहती है।
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