लखनऊ/वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीती 15 मई को निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिरने के मामले में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सहित सात अभियंता (इंजीनियर) व एक ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बता दे कि बीती 15 मई को फ्लाईओवर के बीम गिरने से हुए इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में 16 मई को सिगरा थाने में रोडवेज चौकी प्रभारी घनानंद त्रिपाठी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। जिसके बाद रुड़की स्थित सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट से तकनीकी राय मांगी गई थी।
सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के आधार पर शनिवार को सेतु निगम के पूर्व मुख्य परियोजना प्रबंधक गेंदा लाल, तत्कालीन मुख्य परियोजना प्रबंधक हरिश्चन्द्र तिवारी, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक केआर सूदन, सहायक अभियंता राजेन्द्र सिंह, अवर अभियंता राजेश पाल सिंह, जेई लालचंद्र सिंह, एई यांत्रिक राम तपस्या सिंह यादव और ठेकेदार साहब हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
वाराणसी एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह टीम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एसची तिवारी सहित सात इंजिनियर व एक ठेकदार को गिरफ्तार किया है।
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