संदीप पौराणिक

झांसी। बुंदेलखंड के लिए यह संभवतः पहला मौका होगा, जब इस इलाके की किसी युवती ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अंतिम दौर में जगह बनाई हो। झांसी में जन्मी और हिमाचल में ब्याही भूमिका सिंह डिवेलिसियस मिसेज इंडिया यूनिवर्स के अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। हर कोई उम्मीद कर रहा है कि जब वे लौटें तो उनके सिर पर यह ताज हों।
मध्यम श्रेणी परिवार से नाता रखने वाली भूमिका बताती हैं, डिवेलिसियस मिसेज इंडिया यूनिवर्स के अंतिम दौर के लिए चुना जाना मेरे लिए किसी ख्वाब से कम नहीं है। सबसे पहले वर्ष 2017 में मिसेज झांसी बनी, फिर मिसेज यूपी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया,जहां फर्स्ट रनरअप चुनी गई।

इसके बाद मैं मिसेज हिमाचल चुनी गई। अब डिवेलिसियस मिसेज इंडिया यूनिवर्स के अंतिम दौर में हिस्सा लेने का मौका मिला है। भूमिका कहती हैं, इस प्रतियोगिता को लेकर थोड़ी घबराहट जरूर है लेकिन भरोसा है कि अपने आत्मविश्वास के बल पर सफलता जरूर मिलेगी।
बड़ा कार्यक्रम है, मेरा छोटे शहर से नाता है, यहां की चमक-दमक थोड़ा असर डालती है, मगर आत्मविश्वास के आगे सब फीके हैं। भूमिका सिर्फ सौंदर्य प्रतियोगिताओं तक ही सीमित नहीं है, वे अपने शहर झांसी के हर सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं।
गरीब बच्चों की शिक्षा का मसला हो या त्योहारों के मौके पर गरीब बस्तियों में मिठाई, पटाखे आदि बांटने का काम..वह कभी पीछे नहीं रहतीं। समाज सेवा के कार्य में भूमिका का साथ निभाने वाली वैशाली पुंशी बताती हैं,“भूमिका की सामाजिक कायरें में अहम भूमिका रहती है।
उन्होंने नेत्रदान का संकल्प लिया है, उनके पति एक दवा कंपनी के बड़े अधिकारी है, उनका पूरा सहयोग है तभी भूमिका इस मुकाम पर पहुंच पाई हैं। नई दिल्ली में 23 जून को होने वाले फाइनल राउंड में हिस्सा लेने के लिए भूमिका दिल्ली पहुंच चुकी हैं। एक नई उम्मीद, नई आस के साथ कि जब वापस अपने गृहनगर लौटें तो उनके सिर पर वह ताज हो जिसकी उम्मीद उनका पूरा शहर लगाए बैठा है।
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