मेरठ। आगामी 28 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा  और इसकी सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को मेरठ में आज छह राज्यों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। मेरठ कमिश्नरी सभागार में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप्र के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम, चिकित्सा विभाग, खाद्य विभाग आदि के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह ने सभी को निर्देश दिया है कि कावड़ यात्रा में जिन लोगों की ड्यूटी लगाई गई है वह कावड़ियों के साथ बेहतर बर्ताव करें यदि किसी के बर्ताव में जरा सी भी कमी पाई गई तो उसके खिलाफ सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। उन्होंने महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस का प्रबन्ध किया जाये।
किसी-किसी क्षेत्र में विशेष परिस्थितियों के दृष्टिगत दंगा निरोधक उपकरण, बीडीडीएस, क्र्रेन, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं उपकरण तथा अस्पताल आदि प्रत्येक समय तैयारी की स्थिति में रखे जायें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न एजेन्सियों तथा पुलिस विभाग के मध्य टेलीफोन/मोबाइल/सीयूजी/ वायरलेस सेट इत्यादि से सम्प्रेषण व्यवस्था पूर्व से कर लिया जाये।
सोशल मीडिया पर लगातार सतर्क दृष्टि बनायी रखी जाये तथा मीडिया प्रबन्धन तथा सूचना प्रसारण की व्यवस्था भी प्रत्येक स्तर पर सुचारू रूप से की जाये तथा अफवाहों का तत्काल खण्डन किया जाये। पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती जनपदों में प्रभावी चेकिंग तथा रूट डायवर्जन के संबंध में परस्पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
समय से सभी सम्बंधित विभागों के साथ समन्वय कर, जनता के लोगों के साथ भी थाना एवं सक्षम स्तर पर बैठक कर सुदृढ़ व्यवस्था की जाये। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि निर्देश दिए गए है कि मार्ग सुरक्षा हेतु जोन, सेक्टर, सब सेक्टर में विभाजित करते हुये प्रभावी पिकेट/गश्त एवं अन्य पुलिस व्यवस्था की जाये।
इसके लिये राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों व चौकी प्रभारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाये। हल्के वाहनों की पर्याप्त व्यवस्था करके संवेदनशील मार्गों पर मोबाइल गश्त व्यवस्था की जाये। रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि रेलों की छतों पर बैठकर यात्री किसी भी दशा में यात्रा न करें। रेलगाड़ियों/यात्रियों के प्रसंग में सुरक्षा व्यवस्थायें की जाये।
कॉंवड़िये के आवागमन के लिए मार्गों पर थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिस पिकेट/गश्त की व्यवस्था की जाये। कॉंवर मार्ग पर क्रेन/एम्बुलेंस आदि की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाये।  सभी मार्गों पर नियमित विद्युत-आपूर्ति के जरिए समुचित प्रकाश-व्यवस्था कराया जाये। इस हेतु जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर लिया जाये। कांवड़ियों के मार्ग वाली सड़कों की मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जाये।
उन्होंने बताया कि निर्देश दिए है कि शिव मन्दिरों में श्रद्धालुओं-कॉवाड़िये द्वारा पूजा-अर्चना/जलाभिषेक/ परिक्र्रमा के दौरान समुचित सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिस बन्दोबस्त किया जाये। मन्दिर परिसर की एन्टी सेबोटॉज चेकिंग भी की जाये।
भगदड़ जैसी आपातकालीन परिस्थितियों के परिप्रेक्ष्य में मौकड्रिल एवं रिहर्सल कर लिया जाये।  मंदिर प्रबन्धन कमेटी तथा अन्य आयोजकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाये और जेबकतरी, चैन स्नैचिंग, महिलाओं से छेड़खानी जैसे अपराधों पर विशेष सतर्कता बरती जाये।
उन्होंने बताया कि इस बार कावड़ को पॉलिथीन मुक्त रखने की कोशिश रहेगी। जगह-जगह लगे शिविरों पर भी पॉलिथीन मुक्त के बैनर लगाए जाएंगे। साथ ही अलाउंस मेंट के जरिए कावड़ यात्रा में कावड़ियों को पॉलिथीन के इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जाएगी।
प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि अगले साल तक वह गंग नहर की दोनों पटरियों को चालू कर देंगे, जिसके बाद हाईवे को बंद नहीं करना पड़ेगा। इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी साल से ही पीडब्ल्यूडी विभाग को यह प्रस्ताव भेज दिया है।
बता दे कि इस वर्ष 28 जुलाई से श्रावण मास प्रारम्भ हो रहा है। श्रावण मास में 30 जुलाई, 6 अगस्त, 13 अगस्त और 20 अगस्त को सोमवार पडे़गा तथा इस मास का मुख्य पर्व श्रावण शिवरात्रि 09 अगस्त को मनाया जायेगा।
सदन में राहुल गांधी का प्रदर्शन नुक्कड़ नाटक जैसा: डा. पाण्डेय
मुख्यमंत्री ने की 'मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना' की प्रगति समीक्षा बैठक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here