बांदा। बांदा जिले के तेंदुरा गांव में धर्म परिवर्तन की दरख्वास्त करने वाले दलित परिवार के घर की नाप लेने पहुंचे नायब तहसीलदार पर गाज गिर सकती है। अतर्रा के उपजिला अधिकारी (एसडीएम) ने नायब तहसीलदार पर जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
तेंदुरा गांव में कथित सवर्णों के उत्पीड़न से परेशान होकर धर्म परिवर्तन की दरख्वास्त करने वाले दलित परिवार पर दबाव बनाने के मकसद से उसके डेढ़ सौ साल पुराने घर पर शुक्रवार शाम को नायब तहसीलदार नाप लेने पहुंचा था, जिसकी शिकायत दलित परिवार ने प्रशासन से की थी।
उपजिला अधिकारी अरविंद कुमार तिवारी ने कहा कि तेंदुरा गांव में कथित सवर्णों के उत्पीड़न से परेशान होकर संतोष कोरी नाम के दलित परिवार द्वारा धर्म परिवर्तन किए जाने की सूचना मीडिया से मिली है और उसने शुक्रवार शाम बीच गांव में बने घर की नायब तहसीलदार द्वारा नाप किए जाने की सूचना दी है।
कोई भी राजस्व अधिकारी बिना हदबंदी किसी की भूमिधारी जमीन की नाप नहीं कर सकता तो नायब ने बीच गांव में बने घर की नाप कैसे की। उन्होंने कहा, इस मामले की जांच कराई जा रही है कि नायब किस अधिकारी के आदेश पर गांव की आबादी की नाप करने पहुंचे हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दलित परिवार के मुखिया संतोष कोरी ने अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक को लिखित दरख्वास्त देकर कथित तौर पर सवर्णों के उत्पीड़न और घर छीनने की साजिश से परेशान होकर हिंदू धर्म त्यागने की चेतावनी दी थी।
उस पर दबाव बनाने के लिए उसकी अनुपस्थित में थानाध्यक्ष बिसंड़ा रामकेवल पटेल द्वारा उसके परिवार के नाबालिग बच्चों को धमकाया गया और बाद में नायब तहसीलदार ने उसके घर की नाप कराकर उन्हें बेघर करने की धमकी दी थी।
पीड़ित परिवार के मुखिया संतोष ने शनिवार को बताया कि उसने उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल कोरी (पूर्व डीजीपी) को पत्र भेज कर हकीकत से अवगत करा दिया है और धर्म परिवर्तन के लिए मौलवियों से संपर्क किया है।
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