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बिजली चोरी रोकने हेतु वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप

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  • रेड के नाम पर नहीं हो सकेगा उपभोक्ताओं का शोषण

  • बिजली चोरों पर भी होगी प्रभावी कार्यवाही

लखनऊ। प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को बेहतर करने के लिए विद्युत चोरी रोकना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसको रोकने हेतु प्रर्वतन दलों एवं विभागीय टीमों द्वारा लगातार रेड की जाती है। लेकिन इन प्रकरणों में उपभोक्ताओं को परेशान एवं शोषण करने की भी अनेक शिकायतें आती हैं।
इन शिकायतों को संज्ञान में लेकर विद्युत चोरी रोकने हेतु जांच एवं छापे की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने हेतु विद्युत विभाग की सतर्कता इकाई द्वारा एवं वेबपोर्टल एवं मोबाइल एप पर कार्य किया जा रहा है। इसमें यह प्राविधान है कि कहीं भी रेड डालने सेे पहले पोर्टल पर टीम की जानकारी भेजनी होगी।
इसमें व्यक्ति जहां कोई रेड करेगा वहां के स्थल की फोटी एवं वीडियो साक्ष्य के रूप में भेजे जायेंगे जो संग्रहीत होंगे। इसके साथ टीम के सदस्यों की पूरी जानकारी साथ ही उपभोक्ता अथवा व्यक्ति को स्थल को सम्पूर्ण विवरण, विद्युत चोरी के सन्दर्भ में पूरी जानकारी, उस पर देय शमन शुल्क इत्यादि पारदर्शी रूप से अंकित होंगे। टीम की जी0पी0एस0 लोकेशन भी इस पोर्टल में तुरन्त आ जायेगी।
इस सन्दर्भ में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ0प्र0 पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक शक्तिभवन में आज हुयी। जिसमें अपर पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) कमलेश सक्सेना, प्रबन्ध निदेशक, अपर्णा “यू0”, निदेशक (वाणिज्य), संजय कुमार सिंह, निदेशक वित्त, सुधांशु द्विवेदी सहित विजिलेन्स एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सांय 4 बजे में चली इसी बैठक में पार्टल एवं एप के बारे में प्रजेन्टेशन किया गया। प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने बताया कि विद्युत चोरी पर प्रभावी रोक के लिए यह जरूरी है कि प्रर्वतन दलों एवं विभागीय टीम के द्वारा जो जांच कार्यवाही की जाये वह पारदर्शी एवं प्रभावी दोनों हो।
इस पोर्टल एवं एप के माध्यम से हमारा प्रयास है कि सही उपभोक्ताओं को प्रताड़ित न किया जाये और विद्युत चोरी करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही हो साथ ही उनका विभागीय या प्रर्वतन दलों द्वारा उत्पीड़न न हो। पूर्ण रूप से कार्यान्वित होने के बाद जांच कार्यों में पारदर्शिता आयेगी।
जांच के सभी रिकार्ड वेब पर संग्रहीत रहेंगे। साथ ही जो व्यक्ति एक से ज्यादा बार चोरी करता हुआ पकड़ा जायेगा उसके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जा सकेगी। जिसमें बड़े उपभोक्ताओं को जेल जाने से बचना कठिन हो जायेगा।
आलोक कुमार ने बताया कि इसे परीक्षण के तौर पर 1 दिसम्बर से चालू किया जाये ऐसी योजना है लेकिन पूरी तौर पर इसे प्रारम्भ करने में अभी दो महीने लगेंगे उन्होेेंने बताया कि रेड टीम को स्थल पर पहुंचने के पहले पोर्टल पर टीम को पूरी जानकारी देनी पड़ेगी और जांच की पूरी वीडियोग्राफी तथा फोटो तत्काल डालनी होगी।
उन्होने बताया कि प्रर्वतन विभाग में आई0टी0 के अभियन्ता भी तैनात किये जायेंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस पोर्टल से ऐसे वितरण खण्ड भी चिन्हित हो जायेंगे जो बिजली चोरी रोकने एवं राजस्व में बेहतर कार्य नहीं कर रहे हैं।

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1 Comment
  1. Abhisek says

    Mere gaw me bijli chori hoti hai .Ise band karane kast kare.vill-chandi post-navanagar district-balliya U.p

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