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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती प्रधानमंत्री आवास योजना

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  • सरकारी धन का हो रहा बंदरबांट
  • सुविधा शुल्क न दे पाने के कारण पात्र लाभार्थियों को सूची से किया जा रहा बाहर
रवीश पांडेय

सलेमपुर, देवरिया। नगर पंचायत सलेमपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ती नजर आ रही है।सूची में चयनित पात्र लाभार्थियों से जांच के नाम पर की जा रही है धनउगाही,जांच के लिए नियुक्त कर्मचारी इस सरकारी योजना का बंदरबांट कर रहे हैं।नाम न छापने के शर्त पर अनेक लाभार्थियों न बताया कि 50 से 80 हजार रुपये देकर इसका लाभ लिए हैं।सही तरीके से इसकी जांच हो जाय तो कानून के हाथ अनेक लोगो के गिरेबान तक पहुंचेगा।
बता दें की नगर पंचायत सलेमपुर के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सूची में आये नामों की जांच करने जाने वाले कर्मचारी पात्र लाभार्थियों से मोटी रकम मांग रहे हैं , यहां तक कि न दे पाने की स्थिति में उनका नाम सूची से बाहर करने की धमकी भी दे रहे हैं,जबकि इस योजना का लाभ पाए लोगो की सही जांच हो जाये तो सच्चाई सामने आ जायेगी और पात्र लोग धन न दे पाने की स्थिति में इस महत्वकांक्षी योजना से वंचित होते जा रहे हैं।
नगर के सलाहाबाद वार्ड की एक महिला जिसने नाम न छापने की शर्त पर बतायी की जांच करने आये कुछ लोगो ने उससे 50 हजार रुपये की मांग की और वह असमर्थता जतायी तो उसका नाम सूची से बाहर कर देने की धमकी भी दी गयी और यहां तक कि बिना पैसा दिए लाभ न मिलने की बात भी कही गयी।जबकि उसी वार्ड कुछ ऐसे लोगो को भी लाभ मिला है जिनके घरो के लोग विदेशो में काम कर रहे है और पहले से ही 2 से 4 कमरे की मकान मौजूद है, ऐसे लोगो से पैसा लेकर उन्हें इस योजना का लाभ दिया गया है।
प्रधानमंत्री के द्वारा शुरू की गयी इस योजना का उद्देश्य समाज के उन लोगों को जो बेघर हैं उन्हें घर उपलब्ध कराना है जबकि इस योजना में लगे कर्मचारियों की गंदी व भ्रष्ट सोच के कारण इसका बंदरबाट होता जा रहा है।अनेक पात्र लाभार्थी इस योजना के लाभ से वंचित होते जा रहे हैं जबकि अपात्र लोगो को पैसा लेकर इसका लाभ दिया जा रहा है।प्रभावशाली व दबंग लोगो के प्रभाव के चलते व पैसे लेकर  अनेक अपात्र लोगों को इसका लाभ दिया गया है।
जब इस संदर्भ में भाजपा के वरिष्ठ नेता व सलेमपुर आचार्य उमाकान्त मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो इस बावत उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए संवंधित अधिकारी से आग्रह किया जाएगा और पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाया जाएगा और वे लोग जो अपात्र होते हुए भी इस योजना का लाभ लिए हैं जांच में दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही किया जाएगा।

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