अलीगढ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र। पुलिस ने इसी एएमयू के बारे में ऐसा खुलासा किया है जो शर्मसार करने वाला है। एएमयू से बड़ी-बड़ी डिग्री लेने के बाद छात्रों ने एक गैंग बना लिया था, जो अपराध करता था। इसके बाद एएमयू के छात्रावासों में शरण पाता था। पुलिस ढूंढती रह जाती थी और इनक कोई पता नहीं लगता था। गैंग के मास्टर माइंड ने बीटेक की डिग्री हासिल की है। ये गैंग पिछले काफी समय से एएमयू कैम्पस के आसपास बड़ी-बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहा था।

इस गैंग के साथ एएमयू के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज का एक टेक्नीशियन भी है, जो किसी को भी फंसाने के लिए शरीर के अंदर ऑपरेशन से गोली इम्प्लांट कर देता था। उसके बाद बाकी काम गैंग के सदस्यों का था। वे लोग एएमयू के सैकड़ों लड़कों को इकठ्ठा कर पुलिस प्रशासन पर दवाब बना देते थे। पुलिस ने इस गैंग के पास से कई पिस्टल, तमंचे, चाकू इत्यादि बरामद किए हैं। इस गैंग के पकड़े जाने से पुलिस ने नौ केस का खुलासा किया है, जिनमें ज्यादातर केस अन्य छात्र नेताओं के ऊपर फायरिंग कर दहशत कायम करना था। इस गैंग के आठ लड़कों को पुलिस ने पकड़ा है।
गुनाह के रास्ते पर चल पड़े एएमयू (AMU) के डिग्रीधारी
अलीगढ के एएमयू कैम्पस के आसपास पिछले दिनों से एक के बाद एक गोलीबारी की घटनाओं में इजाफा हो रहा था। इनमें ज्यादातर घटनाएं एएमयू छात्र नेताओं के ऊपर गोलीबारी की थी। गत रात जब पुलिस गश्त पर थी तभी पुलिस को फिरदौस नगर की पुलिया पर एक कार दिखाई दी। पुलिस ने जब कार को घेरा तो उसमें से अचानक फायरिंग होने लगी। पुलिस ने जवाबी कार्यवाही करते हुए आठ बदमाशों को दबोच लिया। इनसे जब पूछताछ हुई तो पुलिस ये जानकार भौचक्की रह गई कि सभी लोग एएमयू से पढ़े लिखे छात्र हैं, जो गुनाह के रास्ते पर चल पड़े हैं।
उनका मुखिया फैसल नामका लड़का है जिसने एएमयू से बीटेक किया था। उसने कैम्पस में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए गुनाह का रास्ता चुना और अपना एक गैंग बना लिया। ये गैंग धौंस, वसूली, अपहरण इत्यादि की घटनाओं को अंजाम देने लगा। पुलिस ने इस गैंग को पकड़ने के बाद नौ केस का खुलासा किया है। इस गैंग ने एक अन्य छात्र नेता जियाउर्रहमान को फंसाने के लिए एक अन्य छात्र के ऑपरेशन के माध्यम से शरीर में गोली रखवा दी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा उसको जेल पहुंचा दिया।
एसएसपी ने क्या कहा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कैम्पस के भीतर गोलीबारी की कई घटनाएं हु । छात्रों के अलग-अलग गुटों में घटनाएं हुईं। छात्रसंघ के पदाधिकारियों पर फायरिंग हुई। हमारी पुलिस और सर्विलांस ने मिलकर पूरे गैंग को पकड़ा है। इनके पास से बड़ी मात्रा में शस्त्र और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पहले बुलेट को इम्प्लांट कराया। लड़के एकत्रित किए। कैम्पस में अराजकता फैलाने वाला गैंग पकड़ा गया है। आठ लोग पकड़े गए हैं, जिनमें छह एएमयू के छात्र रहे हैं।
गैंग सरगना फैसल मुस्तफा ने बीटेक और एमबीए किया है। पूरा परिवार पढ़ा लिखा है। चुनाव से पहले शहजाद बर्नी पर गोली चली थी। इनकी गिरफ्तारी कैम्पस से बाहर की है, लेकिन दखलंदाजी एएमयू कैम्पस में है। इससे सामान्य पढ़ने वाले बच्चों में असुरक्षा की भावना पैदा हो जाती है। एएमयू के सभी बच्चों में सुरक्षा की भावना पैदा करेंगे। आश्वस्त करते हैं कि कैम्पस के बाहर और भीतर छात्र सुरक्षित रहेंगे।
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आतंक पैदा करने वालों की शहर में भी जगह नहीं होगी। पकड़े गए गैंग के बारे में एएमयू कुलपति को लिखेंगे। पहले भी लिखकर दिया है। उनसे अपेक्षा की है कि कैम्पस में शांति व्यस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
शरीर में गोली इम्प्लांट करने वाले आरोपी तकनीशियन सूरज ने ऑपरेशन थियेटर मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। उसने बताया कि दो-तीन दोस्त घर पर आए थे। सुन्न करके चीरा लगाकर शरीर के अंदर गोली रखवाई थी। पैसा कुछ नहीं लिया। साथियों का दबाव था, इसलिए करना पड़ा। मुझसे कहा गया था कि नहीं करोगे तो कुछ भी हो सकता है।