Tevar Times
Online Hindi News Portal

सुन्नी वक्फ बोर्ड को शिया वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति में नहीं करना चाहिए हस्तक्षेप : वसीम रिज़वी

0

लखनऊ। उ.प्र. शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) के अध्यक्ष सै0 वसीम रिज़वी (Wasim Rizvi) ने कहा है कि उ.प्र. में मन्दिर और मस्जिद को लेकर चल रहे विवादों में मुख्य रूप से काशी और मथुरा मस्जिद-मन्दिर विवाद सुन्नी वक्फ बोर्ड से संबंधित है, परन्तु अयोध्या स्थितः राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद शिया वक्फ बोर्ड से संबंधित है।

Sunni Waqf Board should not interfere in Shia Waqf Board property: Wasim Rizvi
Sunni Waqf Board should not interfere in Shia Waqf Board property: Wasim Rizvi

सुन्नी वक्फ बोर्ड को शिया वक्फ बोर्ड की सम्पत्ति में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सुन्नी वक्फ बोर्ड को काशी, मथुरा में स्थित  विवाद के झगड़े में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।

परन्तु सुन्नी वक्फ बोर्ड बगैर किसी आधार के अयोध्या में पूर्व स्थितः मस्जिद को अपनी मस्जिद बता कर अवैध अधिसूचना को आधार बना कर अमानत में ख़यानत कर रहा है।

रिज़वी ने अपने बयान में कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के पास अयोध्या में पूर्व स्थित मस्जिद बाबरी के शिया मस्जिद होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं जिसे शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड द्वारा अपनी वक्फ सम्पत्ति को अपना कह देने के कारण और उच्चतम न्यायालय में इससे संबंधित अपना पक्ष रख देने के कारण कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी संगठन एवं कुछ तथाकथित मुल्ला व मौलवी शिया वक्फ बोर्ड द्वारा राष्ट्र हित में की गयी।

वैधानिक पहल के कारण मुझसे नाराज़ हैं और सूत्रों के माध्यम से मुझको धमका कर यह दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है कि शिया वक्फ बोर्ड इस प्रकरण में अपना पक्ष वापस ले, अन्यथा मुझे जान से मार दिया जायेगा।

शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) ऐसे कट्टरपंथियों को यह स्पष्ट कर देना चाहता है कि शिया वक्फ बोर्ड द्वारा राष्ट्र के हित में उठाया गया यह उचित कदम है।

शिया वक्फ बोर्ड ने अपना पक्ष पूर्ण रूप से उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। उच्चतम न्यायालय का निर्णय प्रकरण में अन्तिम निर्णय होगा जिसे सभी पक्षों को स्वीकार करना होगा।

उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर अगर शिया वक्फ बोर्ड के पक्ष में फैसला आता है तो अयोध्या में हिन्दू भाईयों की आस्था के अनुसार श्री राम मन्दिर बनना चाहिए और मुसलमानों के लिए शिया वक्फ बोर्ड ने लखनऊ स्थित जो भूमि मस्जिद-ए-अमन के लिए चिन्हित की है उस पर एक मस्जिद का निर्माण शिया वक्फ बोर्ड करा लेगा।

यह भी पढ़े:- भाजपा का जनविरोधी और संवेदनशून्य चेहरा हुआ उजागर : सपा

सुन्नी वक्फ बोर्ड को चाहिए कि वे शियों की सम्पत्ति पर अपना अधिकार छोड़ कर काशी, मथुरा स्थित मन्दिर-मस्जिद विवाद को शान्ति-पूर्वक हल करने की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाने की कोशिश करे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More