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विधान सभा में 1138817.28 लाख रु0 की अनुपूरक मांगें पेश

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  • अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के तहत 2091 करोड़ की मांग

  • शौचालयों के निर्माण हेतु 1215.39 करोड़ रु0 की मांग

  • छात्र-छात्राओं को स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए 390 करोड़ रु0 का प्रस्ताव

  • ऊर्जा विभाग के लिए 759.48 करोड़ रु0 की अनुपूरक मांग प्रस्तावित

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हेतु 413.18 करोड़ रु0 की मांग

  • आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों-सहायिकाओं को मानदेय हेतु 100 करोड़ रु0 की मांग

  • सचिवालय में ई-ऑफिस व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रु0 की मांग

Supplementary demand of Rs 11,38817.28 lakhs presented in the UP vidhan sabha
Supplementary demand of Rs 11,38817.28 lakhs presented in the UP vidhan sabha

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा (Vidhan Sabha) के समक्ष वर्ष 2017-18 के लिए अनुपूरक अनुदानों की मांगें रखी गईं। प्रस्तुत अनुपूरक मांगों का कुल आकार 1138817.28 लाख रुपए है, जिसमें राजस्व लेखा 677309.36 लाख रुपए तथा पूंजी लेखा 461507.92 लाख रुपए है।

अनुपूरक मांग 1138817.28 लाख रुपए में राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत अग्रिम की प्रतिपूर्ति की लिए 26858.69 लाख रुपए तथा राज्य की समेकित निधि पर भारित व्यय के लिए 441.53 लाख रुपए की धनराशि शामिल है।

प्रस्तुत अनुपूरक मांगों के कुल आकार 11,388.17 करोड़ रुपए में केन्द्रीय योजनाओं के लिए प्राप्त होने वाले केन्द्रांश की धनराशि 2,450.92 करोड़ रुपए को घटाने के बाद समेकित निधि से होने वाले शुद्ध व्यय भार की धनराशि 8,937.25 करोड़ रुपए है। इस राशि का वित्त पोषण कर एवं करेत्तर राजस्व में निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करके तथा अनुत्पादक व्यय में कमी करके किया जाएगा।

अनुपूरक बजट में मुख्य रूप से समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना के तहत 2091 करोड़ रु0, स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) के अन्तर्गत शौचालयों के निर्माण हेतु 1215.39 करोड़ रु0, लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत सड़कों तथा सेतुओं के लिए 519 करोड़ रु0, बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए 390 करोड़ रु0, मातृत्व लाभ योजना-प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के क्रियान्वयन के लिए 290.98 करोड़ रु0 की मांग प्रस्तावित है।

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इसके अलावा, मातृ एवं बाल कल्याण विभाग के लिए 248.69 करोड़ रु0, समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत जनजाति कल्याण के लिए 242 करोड़ रु0, सिंचाई विभाग के अन्तर्गत निर्माण कार्य हेतु 240.66 करोड़ रु0, उ.प्र. सहकारी चीनी मिल संघ की चीनी मिलों को पेराई सत्र 2016-17 के अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान के लिए वर्ष 2017-18 में उ.प्र. राज्य आकस्मिकता निधि से स्वीकृत अग्रिम की प्रतिपूर्ति के लिए 200 करोड़ रु0, राजकीय मेडिकल कॉलेज/संस्थान/स्वायत्तशासी संस्थान/चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिए विभिन्न मानक मदों हेतु 425.35 करोड़ रु0 तथा नागरिक उड्डयन की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 200 करोड़ रु0 की मांग का प्रस्ताव रखा गया है।

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